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"महफूज" नहीं पत्रकार ! देश में "पत्रकार सुरक्षा कानून" की शीघ्र दरकार

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    "महफूज" नहीं पत्रकार ! देश में "पत्रकार सुरक्षा कानून" की शीघ्र दरकार ◆ संपादकीय ★ डायमंड शुक्ला,प्रधान संपादक मिशन क्रांति न्यूज. हमारे देश में जब तक "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू नहीं होगा...पत्रकार "महफूज" नहीं है। "पत्रकारिता" पर खतरा मंडरा रहा है ...आज देश का "चौथा स्तंभ" खतरे में है, और इसका प्रमुख कारण है, शासन-प्रशासन के नुमाइंदों द्वारा ऐसे आसामाजिक तत्वों को संरक्षण देना, जो "पत्रकारों" के खिलाफ झूठे आरोप मढ़ देते हैं, और कई बार "पत्रकारों" के खिलाफ झूठे मामले में अपराध पंजीबद्ध तक हो जाता है और पत्रकारों जेल तक जाना पड़ा है, ...यह घटना तब तक नहीं रूकेगी जब तक सरकार "पत्रकार" हित में कोई ठोस कदम नही उठाएगी। "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू नहीं करेगी। जब "पत्रकार" किसी राजनेता, भूमाफिया, खनिज माफिया, ठेकेदार, किसी रसूखदार या असामाजिक तत्वों के खिलाफ समाचार प्रकाशन करते हैं तो ये बौखला जाते हैं और पत्रकार को डराने,,,धमकाने की कोशिश भी करते हैं, और बौखलाहट में कई बार उक्त...