वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर जानलेवा हमला,,, आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध

 वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर जानलेवा हमला,,, आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध 

◆ खबर प्रकाशित होने से बौखलाए आसामाजिक तत्वों ने दिया वारदात को अंजाम।

◆ पुलिस, पत्रकारों का आपसी विवाद बताकर मामला निपटाने का कर रहा था प्रयास।

◆ थानें में दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज।

◆  आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे पत्रकार।  

मिशन क्रांति न्यूज. ब्यूरो। कांकेर के वरिष्ठ और चर्चित पत्रकार कमल शुक्ला पर कथित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर और उसके गुण्डों ने सरेराह जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने मामला निपटाने पहले तो इसी दो पक्ष के पत्रकारों का आपसी विवाद बता दिया। लेकिन जब इधर राजधानी और पूरे प्रदेश में पत्रकार के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ तो सभी पत्रकारों ने पत्रकार के साथ मारपीट की इस घटना को शर्मनाक और घोर निंदनीय बताया। मामले को तूल पकड़ता देख आखिरकार पुलिस ने पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। हालांकि अभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

 

दरअसल कांकेर में लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला हमेशा आदिवासी हित, जन, जंगल और जमीन की सुरक्षा और संरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखते हुए खबर प्रकाशित करते आ रहे हैं। भाजपा शासनकाल में भी उन्होंने कई बड़े मुद्दों पर खबर प्रकाशित की। जिससे उन्हें उस दौर में भी भाजपा के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था। अब जब कांग्रेस की सरकार आई तो स्थिति खासकर बस्तर की सुधरने की उम्मीदें जगी, लेकिन हालात वैसे ही दिखे। इस पर पत्रकार कमल शुक्ला ने खबरों के माध्यम से सरकार का इस ओर ध्यानाकर्षण कराने अपने प्रयास जारी रखे। अभी हाल में ही खनिज माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन को लेकर भी कमल शुक्ला ने खबरे प्रकाशित की। जिसमें कुछ मामले में कार्रवाई भी हुई,,,,लेकिन कुछ माफियाओं को यह रास नहीं आई और आज कमल शुक्ला के साथ मारपीट करते हुए। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि कांकेर के कुछ अन्य पत्रकारों ने थाना पहुंचकर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। तब जाकर कमल शुक्ला के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी की खबर नही है। बहरहाल मामला दर्ज कर लिया गया है।


पत्रकार के साथ मारपीट घोर निदंनीय

वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के साथ मारपीट की घटना को श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरवींद अवस्थी ने घोर निंदनीय बताया। और कहा कि पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पत्रकार के अन्य संघ,संगठन ने भी पत्रकार के साथ हुए इस घटना की निंदा की और आरोपीयों पर शीघ्र कार्रवाई पर जोर दिया। बहरहाल छग.के ज्यादातर पत्रकारों ने दोषियों की गिरफ्तारी और उन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।



पत्रकार सुरक्षा कानून की दरकार

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद कुछ हद तक पत्रकारों में "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू होने की उम्मीदें जगी थी। सरकार ने भी "पत्रकार सुरक्षा कानून" शीघ्र लागू करने की बात कही थी। लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चला गया। यहां यह बताना लाजमी होगा कि वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला लगातार पत्रकार सुरक्षा कानून लाने पुरजोर कोशीश कर रहे थे। और आखिरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीत्रदिखा होने की वजह से आज उनके साथ इस तरह की घटना घट गई। एक बार फिर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग उठ रही है। प्रदेश के पत्रकार हुए लामबंद,,, पत्रकार के साथ हुए हमले से बौखलाए प्रदेशभर के सभी पत्रकार लामबंद हो गए हैं. और दोषियो की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। और सख्त कार्रवाई पर आवाज मुखर कर रहे हैं।

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