बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे में लेटलतीफी के चलते पीड़ित लोगों को नही मिला मुआवजा,
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे में लेटलतीफी के चलते पीड़ित लोगों को नही मिला मुआवजा,
◆ क्षतिग्रस्त मकान में ना रहते बन रहा और ना मरम्मत कर पा रहे लोगमिशन क्रांति न्यूज. जांजगीर चाम्पा। शिवरीनारायण महानदी में आई बाढ़ से शिवरीनारायण सहित महानदी तट पर बसे कई गांवों में क्षतिग्रस्त हुए मकानों का आज पर्यंत सर्वे नहीं हो पाया है। ऐसे में बाढ़ पीड़ित मुआवजे से वंचित हो गए हैं। मकान की मरम्मत कराने गरीब तपके के लोगों के पास पैसे तक नही है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है लोग मुआवजे की बाट जोह रहे हैं पर अफसोस प्रशासन मौन है।
शिवरीनारायण महानदी पर 28 अगस्त को भयावाह बाढ़ आने से शिवरीनारायण के कई वार्ड जलमग्न हो गए। जिससे जनकपुर वार्ड में बसे गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों का आशियाना क्षतिग्रस्त हो गया। बाढ़ की वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं महानदी तट पर बसे कई गांवों में भी मकान क्षतिग्रस्त हुआ।
खेतो के फसल चौपट हो गई। बाढ़ प्रभावित लोग मुआवजा की बाट जोह रहे हैं लेकिन प्रशासनिक अमले की उदासीनता के परिणाम स्वरूप दस दिन बीत जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त मकानों का ना तो मुआयना हो पाया और ना पीडि़त लोगों के हाथ मुआवजा की राशि आई है। ऐसे में उन्हें राजस्व अमले का इंतजार है। नगर के लोगों की मानें तो हफ्तेभर बाद भी नगर के मांझी पारा और सारथी मोहल्ला में बाढ़ से क्षति हुए मकानों का मुआयना करने अब तक कोई नहीं पहुंचा है। ऐसे में ना तो मकान की मरम्मत कर पा रहे हैं और ना ही मकान पर रह पा रहे हैं। मोहल्ले वालों ने यह भी बताया कि बाढ़ में मांझी लोगों के तीन नाव तथा कुछ लोगों की बकरी व लकड़ी के गोले भी बह गए। ज्ञात हो कि यहां महानदी में बाढ़ का पानी कम होने पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ महन्त रामसुन्दर दास और विधायक इंदू बंजारे ने शिवरीनारायण के बाढ़ प्रभावित वार्डों का जायजा लिया था। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को शीघ्र राहत पहुंचाने का निर्देश भी दिया था। पर अफसोस इन सबके बावजूद प्रशासनिक अमले की उदासीनता के परिणामस्वरूप बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना नही हो सका है। जिससे बाढ़ पीडि़त लोगों को मुआवजे की राशि नहीं मिल पाई है।



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