सत्ता की तुझमें ताकत है,,,तो हम "कलम" के सिपाही हैं,,,डायमंड शुक्ला की कलम से....

     सत्ता की तुझमें ताकत है,,,तो हम "कलम" के सिपाही हैं..

स्वरचित (कविता) : 5 अक्टूबर 2020
 
संदर्भ : कांकेर में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना। 

★ डायमंड शुक्ला,,,प्रधान संपादक
        
             मिशन क्रांति न्यूज


सत्ता की तुझमें ताकत है,तो हम कलम के सिपाही हैं..
तू झूठ के पथ पर चलने वाला, हम सच के सच्चे राही हैं...
तू सत्ता के मद में चूर है...शायद, इसिलिए मगरूर है...
मुसटंडो और गुंडों का इतना तुम्हें गुरूर है..
हम गांधीवादी है,,,रगों में अहिंसा की बहती स्याही है...
सत्ता की तुझमें ताकत है,तो हम कलम के सिपाही हैं..
तू झूठ के पथ पर चलने वाला,,,हम सच के सच्चे राही हैं...
माना कानून के सारे हथकंडे तू अफनाएगा...
राजनीति के गुंडो को बचाने, साजिश भी करवाएगा,,,
तेरा बस गर चले तो,,,तू जेल भी भिजवाएगा...
चेहरा तेरा एक नहीं है,,,
इरादे तेरे नेक नहीं...
हमें पता ये बात सभी...हम खुद ही इसके गवाही हैं...
सत्ता की तुझमें ताकत है,तो हम "कलम" के सिपाही हैं..
तू झूठ के पथ पर चलने वाला हम सच के सच्चे राही हैं...
पहले गुंडो से पिटवाया,,,तेरा असली चेहरा सामने आया,,,
जांच समिति बनाकर तूने,,,खुद अपनों से ही जांच कराया,,,
ये तेरी नाकामी है,,,झूठी साजिश की वाहवाही है...
सत्ता की तुझमें ताकत है,तो हम कलम के सिपाही हैं..
तू झूठ के पथ पर चलने वाला, हम सच के सच्चे राही हैं...

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