सियासत चमकाने किसी की "मौत" को "तमाशा" मत बनाइए जनाब...! "पत्रकार" डायमंड शुक्ला की कलम से

 सियासत चमकाने किसी की "मौत" को "तमाशा" मत बनाइए जनाब...!  

◆ हाथरस और करौली में हुए जघन्य अपराध पर सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की बजाय अपराधियों को सजा और पीडि़त को न्याय दिलाने पर जोर देना चाहिए।

◆ अपराधी किसी वर्ण या धर्म का हो सख्त सजा मिले। और पीडि़त किसी जाति,धर्म का हो उन्हें और उनके परिवार वालों को न्याय मिले।

★ डायमंड शुक्ला, प्रधान संपादक

मिशन क्रांति न्यूज.

देश के हाथरस और करौली में दोनों जगह जघन्य अपराध होने पर भी राजनेता सियासत कर रहे हैं...अपराधी को सख्त सजा दिलाने और पीड़ितों के परिजनों को न्याय दिलाने की बजाय राजनीतिक पार्टीयां एक दुसरे पर आरोप लगा रहे...देश को झकझोर देने वाली ऐसी दर्दनाक घटना पर तो कम से कम सियासत नहीं होनी चाहिए... यूपी में हाथरस की बेटी के साथ दुष्कर्म कर जीव्हा काट,रीढ़ की हड्डी तोड़ने की घटना...फिर उसकी लाश को परिजनों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा रात में उनका अंतिम संस्कार कर देना घोर अपराध है..शर्मनाक है वहीं उसके बाद योगी सरकार की तानाशाही जंगलराज सामने आया,,जिन्होंने पीड़िता के परिजनों को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया,,,मीडिया तक को जाने नही दिया गया। इधर दूसरी घटना राजस्थान में करौली के पुजारी को जिंदा जला देने जैसी जघन्य अपराध ....यहां राजस्थान सरकार की नाकामी भी सामने आई जो,,,गरीब पीडि़त के परिजनों को महज दस लाख देकर अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लिया ...

हां यहां दोनों मामलों के बाद कांग्रेस के राहुल गांधी का दोहरा चरित्र भी खुलकर सामने आया। जो राजस्थान के इस जघन्य अपराध पर मौन है....सियासत चमकाने का भंडाफोड़ हो गया। बहरहाल ऐसे मामलों में सियासत नहीं होनी चाहिए...आरोप-प्रत्यारोप की बजाय अपराधियों को सजा और पीडि़त को न्याय दिलाने पर बल देना चाहिए... सियासत चमकाने मानवता को शर्मसार मत करो...अपराध को बढ़ावा मत दो...इन दोनों मामलों को जाति,धर्म रंग,भेद में ना बांटो दोनों जघन्य अपराध है...अपराधी किसी वर्ण या धर्म का हो सख्त सजा मिले। और पीडि़त किसी जाति,धर्म का हो उन्हें और उनके परिवार वालों को न्याय मिले। ---

                         ।।जय हिन्द।।

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