"मीडिया " में फर्जी टीआरपी का खेल ! लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की साख के खिलाफ "साजिश" या सच्चाई ,,,"मिशन क्रांति न्यूज" के प्रधान संपादक डायमंड शुक्ला की कलम से
"मीडिया " में फर्जी टीआरपी का खेल !
◆ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की साख के खिलाफ "साजिश" या सच्चाई● त्वरित टिप्पणी
◆ डायमंड शुक्ला, प्रधान संपादक
मिशन क्रांति न्यूज.
देश के "पत्रकारों" पर और "पत्रकारिता" पर खतरा मंडराने लगा है,,,आए दिन "पत्रकारों" पर कोई ना कोई "साजिश" का खुलासा आम बात है। अब यह कोई नई बात नहीं रह गई है। क्योंकि सरकार कभी "मीडिया" के प्रति गंभीर ही नहीं है,,,यही वजह है कि आज पर्यंत देश में "पत्रकारों" की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कानून ही नही बनाए जा सके हैं, ऐसे में "पत्रकारिता" की साख पहले की अपेक्षा कुछ हद तक कमजोर सी हो गई है, शायद इसिलिए भारत के "पत्रकार" और "पत्रकारिता" पर सवालिया निशान लगना लाजमी है। जी हां अब तक "पत्रकारों" पर आरोप-प्रत्यारोप लगते आए हैं लेकिन देश के इतिहास में आज पहली बार मीडिया में फर्जी टीआरपी का खेल का बड़ा खुलासा हुआ है...जिसमें टीआरपी चोरी करने का संगीन आरोप मुंबई पुलिस कमीश्नर ने "रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल".पर लगाया है...
दरअसल टीआरपी का मतलब "टेलीविजन रेटिंग पाइंट" है, जिससे यह तय किया जाता है कि किस न्यूज चैनल को लोगों ने सबसे ज्यादा देखा है और इसी टीआरपी के चलते न्यूज चैनल में दिखाए जाने वाले विज्ञापन का रेट तय होता है। जो इन न्यूज चैनल की कमाई का जरिया माना जाता है, पारदर्शिता लाने के लिए ही टीआरपी की जरूरत पड़ती है लेकिन इस टीआरपी में भी अब सेंध लग गई है। जिसमें टीआरपी के फेर में जनमानस को खबरे देखने लालच दिए जाने की बात कही गई है। मुंबई पुलिस ने इसी आरोप के तहत टीआरपी को लेकर दो मराठी चैनल के संचालक को गिरफ्तार कर लिए जाने का भी खुलासा किया है लेकिन तीसरे चैनल रिपब्लिक भारत चैनल पर भी टीआरपी की चोरी का आरोप लगे होने के बावजूद उस चैनल के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई,,,किसी की गिरफ्तारी क्यों नही हुई। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि क्या यह टीआरपी का खेल सिर्फ अपने चैनल में विज्ञापन की कमाई को लेकर इस तरह का घिनौना खेल खेला गया...जबकि मीडिया से उनकी खबरों से देश के लोगों का भरोसा जुड़ा रहता है...ऐसे में लोगों के भरोसा को तोड़ने न्यूज चैनल का यह टीआरपी का खेल शर्मनाक है,निंदनीय है यदि ऐसा हुआ है तो,,,, ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए बहुत बड़ा खतरा है। वहीं टीआरपी बढ़ाने लोगों को पैसे दिए जाने, टीआरपीचोरी के मामले में अब एक न्यूज चैनल, दूसरे न्यूज चैनल पर आरोप लगा रहे हैं जी हां इस टीआरपी के खेल में किस न्यूज चैनल का खेल है यह तो जब साफ होगा तभी सच सामने आएगा, लेकिन मुंबई पुलिस कमिश्नर ने रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल पर टीआरपी चोरी का आरोप लगाया,तो दूसरी ओर बौखलाए रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल ने आज तक न्यूज चैनल पर यह आरोप मढ़ दिया। टीआरपी के फेर में किस चैनल की नियत फिसली है, किसने यह घिनौना खेल खेला है इसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है हालांकि रिपब्लिक भारत का अपना पक्ष यह है कि मुंबई पुलिस और मुंबई सरकार ने उनके खिलाफ दिखाए गए मामलों को लेकर षडयंत्र के तहत रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल का नाम लिए जाने की बात कही जा रही है। बात जो भी हो "साजिश" या "सच" लेकिन इस टीआरपी वाले आरोप-प्रत्यारोप ने एक बार फिर "मीडिया" को "कटघरे" में लाकर खड़ा कर दिया है। की क्या यही देश का चौथा स्तंभ है जिसे जनता आज भी आधार स्तंभ मानते हैं यह बड़ा सवाल है। जिसका जवाब अभी फिलहाल किसी के पास नही हैं। जो मीडिया के चौथे स्तंभ के गिरते साख को बयां कर रहा है।


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