आओ इस "दीवाली" मिट्टी के ही दिए जलाएं... "पत्रकार" शंकर सुकमा और "मिशन क्रांति न्यूज." टीम की संयुक्त पहल !
आओ इस "दीवाली" मिट्टी के ही दिए जलाएं...
"पत्रकार" शंकर सुकमा और "मिशन क्रांति न्यूज." टीम की संयुक्त पहल !
डायमंड शुक्ला
मिशन क्रांति न्यूज.
दीप पर्व , दीपावली हिन्दु धर्म का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है,,,दीप पर्व में हर घरों में दिए जलाए जाते हैं...सनातन चली आ रही इस परम्परा के अनुरूप घरों में रात को मिट्टी के दिए जलाकर घरों को रोशन किया जाता है,,लेकिन आधुनिकता के इस दौर में लोग अपनी पुरानी परम्पराओं को भूलकर मिट्टी के दिए की जगह लाईट डेकोरेशन कर दीप पर्व मनाते हैं ऐसे में यह हमारे धर्म की परम्परा और संस्कृति को बदलने का प्रयास है...जहां हम चाईना लाईट डेकोरेटिवट कर विदेशी चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं..वहीं दूसरी ओर हम अपनी परम्पराओं से भी विमुख हो रहे हैं,,,ऐसे में हमारी सनातन धर्म को खतरा है हर पर्व में आधुनिकता का चलन उचित नहीं,,,दीप पर्व को लेकर जहां कुम्हार लंबे समय से सनातन परम्पराओं को जीवित रखने मिट्टी के दिए बनाकर बेचते हैं यह सभी के घरों को रोशन करने दिए बनाते हैं कुम्हार हिन्दु परम्पराओं के परिपालन में अपनी महती भूमिका निभाते हैं लेकिन क्या हम अपने इस महान पर्व पर अपनी सनातन धर्म और परम्पराओं को जिंदा रखने अपनी सहभागिता निभाते हैं नहीं....जबकि कुम्हार इन्ही मिट्टी के दिए बेचकर दीप पर्व मनाते हैं,,,इन्ही दिए के पैसों से इनका घर रोशन होता है फिर हम क्यों विदेशी लाईट और समान को महत्व देने लगते हैं वह भी अपनी परम्पराओं को भूलकर ।।
आईए इस बार हम सब मिलकर संकल्प लें कि इस बार सिर्फ मिट्टी के दिए खरीदें और घरों को मिट्टी के इस दिए से रोशन कर परम्पराओं का पालन करते हुए हिन्दुत्व धर्म निभाएं...सनातन परम्परा को सहेज कर रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यही संस्कृति और सभ्यता को जिंदा रखने का सशक्त माध्यम है....
एक संकल्प इस दीवाली,,,"मिट्टी" के ही दिए जलाएंं...
हर घर हो रोशन,,,हर घर दिए से जगमगाए....
आप सभी को दीप पर्व की अग्रिम बधाई...
शुभकामनाएं...




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