राष्ट्रीय किसान दिवस पर खेत,,,खलिहानों मेंं जाकर "मिशन क्रांति न्यूज टीम" ने "अन्नदाता" का किया सम्मान

 राष्ट्रीय किसान दिवस पर खेत,,,खलिहानों मेंं जाकर "मिशन क्रांति न्यूज टीम" ने "अन्नदाता" का किया सम्मान

◆ बलौदा ब्लाक के देवकोनी,खोहा,उस्लापुर गांवों के किसानों से हुए रूबरू...

◆ मिशन क्रांति न्यूज के प्रधान संपादक डायमंड शुक्ला ने अपने हाथों से किसानों को श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मान। 

मिशन क्रांति न्यूज.जांजगीर-चाम्पा। "मिशन क्रांति न्यूज समूह" द्वारा गांवों में "मिशन "अन्नदाता" सम्मान समारोह का आयोजन कर,,,किसानों का साल,श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करने का सिलसिला जारी तो है ही,,, इस परिपेक्ष्य में... आज "राष्ट्रीय किसान दिवस" के सुअवसर पर "अन्नदाता" (किसानों) का सम्मान करने मिशन "अन्नदाता" सम्मान समारोह के बैनर तले,,,मिशन क्रांति न्यूज के प्रधान संपादक डायमंड शुक्ला बलौदा ब्लाक के ग्राम पंचायत देवकोनी,,ग्राम पंचायत खोहा व आश्रित गांव उस्लापुर पहुंचे। जहां किसानों के घर,बाड़ी में,खेत,खलिहान में जाकर किसानों से भेंट कर अन्नदाताओं का श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया। 

इस दौरान किसानों को राष्ट्रीय किसान दिवस की बधाई देते हुए किसान दिवस के संबंध में उन्हें अवगत कराया गया। 

वहीं किसानों ने भी मिशन क्रांति न्यूज समूह को खुलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसानों के सम्मान के दौरान ग्राम पंचायत देवकोनी के लोकपाल सिंह भारद्वाज और गोविंद राठौर भी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कृषि प्रधान देश कहे जाने वाले भारत में किसानों के हालात ठीक नही है। जबकि यह किसानों का ही भारत है,,, किसान आज भी अपनी सहजता और सरलता से पहचाने जाते हैंं। परिश्रम कर किसान सबका पेेट भर रहे हैैं... किसान अन्नदाता हैं,,,आज किसानो से मिलकर एक अलग ही खुशी की अनुभूति हुई,,,उनका अपनापन,,,स्नेह और आत्मीयता से मन प्रफूल्लित हो गया। 

वास्तविक में गांव के लोग खासकर किसानों ने ही आज तक भारतीय संस्कृति,सभ्यता को सहेजकर रखा है...अन्नदाताओं की सहजता,सरलता का भाव ....देखकर हमें गर्व होता है...कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है...जहां किसान "अन्नदाता" है....और किसानों के दिलों में "भारत" बसता है... 

भारत "किसानों" का देश है....और नि:संदेह अन्नदाता किसान,,,धरती के हैं भगवान। आज किसानों के हालात बदलने देश में नई कारगर नीति की दरकार है। जो किसानों के हित में हो। 


◆ 
राष्ट्रीय किसान दिवस का इतिहास...

देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के मौके पर हर साल 23 दिसबंर को राष्ट्रीय किसान दिवस (National Farmers Day) मनाया जाता है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों के हित के लिए कई किसान-हितैषी नीतियों का मसौदा तैयार किया. भले ही चौधरी चरण सिंह बहुत कम समय के लिए प्रधानमंत्री थे, लेकिन उन्होंने भारतीय किसानों के कल्याण के लिए कड़ी मेहनत की. इतना ही नहीं, उन्होंने किसानों के लिए कई योजनाएं भी शुरू कीं और 2001 में सरकार ने चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।









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