सभी नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और समरसता का भाव जागृत हो : युवराज स्वामी रामकृष्णाचार्य
सभी नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और समरसता का भाव जागृत हो : युवराज स्वामी रामकृष्णाचार्य
🔷 अमोरा गाँव में श्रीराम कथा श्रवण करने भक्तों की उमड़ रही भीड़।
मिशन क्रांति न्यूज़. जांजगीर - चाम्पा। भगवान किसी एक के नहीं, लोगों में भ्रम ना फैलायें, प्रभु श्रीराम सर्वव्यापी हैं और सभी भक्तो का कल्याण करते हैं, देश के सभी नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और समरसता का भाव जागृत हो और इसकी प्रेरणा श्रीराम चरित मानस से लें, उक्त बातें अमोरा में रामकथा वाचक के रूप के मध्यप्रदेश के इटारसी से जिला मुखयालय के नैला में पत्रकार पवन अग्रवाल के घर पधारे, युवराज स्वामी रामकृष्णाचार्य ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।
रामानुज स्वामी ने कहा की यह बडा सौभाग्य है कि रामकथा शबरी के क्षेत्र में हो रहा है, भक्त और भगवान के प्रेम को शबरी के चारित्र प्रभु के प्रति अथाह प्रेम और श्रीराम जी के चरित्र से जाना जा सकता है, स्वामी जी ने कहा की भारत देश की परम्परा रही है कि यहां भगवान की भक्ति का अधिकार सिर्फ मनुष्य को ही नही बल्कि सभी जीवों को है। चमत्कारी बाबा और रोग ठीक करने वाले बाबाओं के संदर्भ में बाबा ने कहा कि सभी को अपने अपने कर्म का फल भुगतना पड़ता है बीमारी का उपचार डॉक्टर, वैद्य से कराने के बात कही साथ ही सनातनी और वैदिक परम्पराओं से ही उपचार की बात को स्वीकार करने की बात कही। मोक्ष के सवाल पर युवराज स्वामी ने आगे कहा की मनुष्य जीवन सौभाग्य की बात है मनुष्य जीवन से ही भगवान की भक्ति का मार्ग प्रशस्त कर मोक्ष प्राप्ति कर सकते हैं, मनुष्य का जीवन ही मोक्ष का सबसे सुलभ रास्ता है। राम राज्य और हिन्दू राष्ट्र के बारे में युवराज स्वामी रामकृष्णाचार्य ने कहा कि राम राज्य की परिकल्पना सही साबित हो सकती है रामराज्य की स्थापना का काम केवल शासन - प्रशासन का दायित्व नही है बल्कि जनमानस भगवान राम के आदर्शों को आत्मसात कर उन्के पदचिन्हों पर चले। व्यासपीठ पर बैठकर स्त्रियों द्वारा कथावाचन को स्वामी जी महाराज ने अनुचित ठहराया और कहा की सनातन धर्म में नारियां वेद पुराण का अध्ययन कर सकती हैं कथावाचन भी कर सकती है लेकिन व्यास पीठ पर बैठकर भगवत कथा अथवा श्रीराम कथा का वाचन करना कतई उचित नही है। इसका वैदिक धर्म में उल्लेख है। स्वामी जी ने वेद के ज्योतिष शास्त्र को छठा अंग बताते हुए ज्योतिष शास्त्र से भविष्य के बारे में बताये जाने की बात कही। व्यवसायिक अथवा व्यापारिक दृष्टीकोण से कथावाचन करने को युवराज स्वामी ने धर्मशास्त्र का उल्लंघन माना और लोगों के आस्था से खिलवाड़ बताया।
अमोरा में श्रीराम कथा सुनने भक्तो की उमड़ रही भीड
युवराज स्वामी रामकृष्णाचार्य के मुखारवृन्द से अमोरा में 12 अप्रैल से श्रीराम कथा वाचन किया जा रहा है जिसे सुनने भक्तो की भीड उमड़ रही है, श्रीराम कथा श्रवण करने शहर सहित आसपास के गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं जिससे अमोरा गांव का पुरा माहौल भक्तिमय हो गया है।

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